सन्तकबीरनगर (उत्तर प्रदेश)
कहते हैं प्यार अंधा होता है महिला हो या पुरूष हो जब किसी के नैन मटक्का लड़ जाए तो ये भूल जाते हैं कि अच्छा क्या और बुरा क्या बिना सोचे समझे सब कुछ ताक पर रख देते हैं। ऐसी कौन सी मां होगी जो अपने मासूम से बच्चों को छोड़कर अपने प्रेमी को सब कुछ न्यौछावर कर देती हैं, ऐसी एक बेदर्दी मां रोते विलखते बच्चों को छोड़ अपने प्रेमी के संग जाने की ठान ली, और खुशी खुशी पति ने उसके प्रेमी से शादी करा दी और यह कहकर विदा कर दिया कि तुम आवाद रहो में बच्चों की परवरिश कर लूंगा।
ग्रामीणों ने बताया कि एक साल पूर्व महिला और गांव का ही रहने वाला एक युवक के बीच प्रेम प्रसंग शुरू हुआ था जो 2025 की मार्च आते आते परवान चढ़ गया। लगभग एक सप्ताह पूर्व महिला अपने प्रेमी के साथ घर से फरार हो गई।
उo प्रo सन्तकबीरनगर जिले धनघटा क्षेत्र के एक गांव की निवासी महिला को अपने बच्चों पर जरा भी तरस नहीं आया , मां की ममता उसे नहीं डिगा पाई , छोटे छोटे बच्चों को छोड़कर अपने प्रेमी के साथ व्याह रचा लिया। शादी के समय भी मौजूद लोग महिला को समझाते बुझाते रहे इधर बच्चे अलग विलख रहे थे लेकिन बच्चों की मां अपनी जिद पर अड़ी रही , इतना ही नहीं पत्नी की शादी की रश्मों के समय पति वहां मौजूद रहा।
युवक की शादी 2017 में गोरखपुर जिले के एक गांव में हुई थी उसके बाद महिला दो बच्चों की मां भी बन गई बच्चों की उम्र लगभग पहले की 7 साल दूसरे की 2 साल है। महिला का पति घर पर रहकर मेहनत मजदूरी करता है।
एक दिन महिला अपने प्रेमी के साथ घर पर गई और अपने प्रेमी से शादी की बात कहने लगी , ग्रामीण कुछ लोग दोनों को काफी समझाते रहे लेकिन प्रेम में अंधे किसी भी कीमत पर मानने को तैयार नहीं थे। और फिर प्रेमी और प्रेमिका दोनों अपने परिजनों ले साथ बाबा दानीनाथ मंदिर पर पहुंच गए ।
प्रेमी जोड़े ने भगवान को साक्षी मानकर एक दूसरे के गले में जयमाला डाल दी। इस दौरान दोनों में यह निर्णय हुआ कि दोनों बच्चे अपने पिता के साथ रहेंगे। मां को खुद से बिछड़ते देख बच्चे फूट फूट कर रो रहे थे लेकिन प्यार में अंधी महिला पर इसका कोई असर नहीं पड़ा और बेदर्दी मां दोनों मासूमों को छोड़कर चली गई।