मेरठ,
सौरभ अपनी पत्नी मुस्कान को बहुत चाहता था बेचारे पति का क्या कसूर था जो पत्नी मुस्कान ने प्रेमी साहिल संग मिलकर अपने पति को ही मौत के घाट उतार दिया, और सिर हाथ धड़ से अलग कर धड़ को प्लास्टिक के ड्रम में सील पैक कर दिया। पुलिस के पूछताछ करने पर आरोपियों ने पुलिस को जानकारी दी कि की आरोपियों ने नबम्बर 2024 में सौरभ को रास्ते से हटाने मतलब मारने की योजना बनाई थी।
सौरभ को मारकर दोनों साथ रहना चाहते थे। सौरभ हत्याकांड में नए नए खुलासे सामने आ रहे हैं। अब पुलिस जांच के बाद सामने आया कि हत्यारोपी मुस्कान व उसका प्रेमी साहिल शुक्ला ने पूरी साजिस के साथ सौरभ हत्याकांड की बारदात को अंजाम दिया । उस समय दिल दहला देने वाले मामले खुलासे सामने आए जब पुलिस ने आरोपियों से पपछताछ की। हत्या करने के बाद कातिल साहिल ने 24 घण्टे तक कटा हुआ सिर और कलाइयों से कटे हाथों को अपने ही घर पर अपने कमरे में रखे थे , और वहीं सोया इस कातिल का कलेजा नहीं कांपा ।
सौरभ का धड़ मुस्कान के कमरे में बेड के बॉक्स में रहा , और मुस्कान उसी बैड पर सोई थी। इन हत्यारों ने पुलिस को तो यह भी बताया कि सौरभ को मारने की प्लानिंग तो नबम्बर 2024 में ही बनाई थी । जिसको मारकर वे साथ साथ रहना चाहते थे। इस वारदात को अंजाम देने के लिए उन्होंने गाँव गाँव जाकर यह जानकारी ली कि जानवरों को मरने के बाद कहाँ दफनाया जाता है ताकि सौरभ की हत्या कर उसे वहीं दफना सकें जिससे किसी को शक ना हो और किसी को पता भी ना चल सके।
कहानी अभी आगे सुनकर दिल दहला देगी 22 फरवरी 2025 को हत्यारिन मुस्कान एक शारदा रोड पर गई वहां एक डॉक्टर के पास बोली कि मैं के डिप्रेशन की मरीज हूँ यह बताने के बाद डॉ से नींद की गोलियां लिखवाई , क्योंकि बिना डॉ के पर्चे के लिखे बिना नींद की गोली नहीं मिल सकती। इसके बाद अपना शातिर दिमांग चलाते हुए गूगल पर नींद और नशे की गोलियों के कुछ साल्ट और देखे। जिन्हें उसने डॉक्टर के लिखे हुए पर्चे पर और खुद लिख लिए।
उसके बाद वह अपने प्रेमी के साथ खैरनगर पहुंची और वहां से कुछ नींद की गोलियां लीं, प्रेमी प्रेमिका दोनों ने मिलकर शारदा रोड पर जाकर 800 रुपये के मीट काटने वाले दो चाकू खरीदे इतना ही नहीं वहीं पास से उस्तरा और पॉलीबैग भी 300 रुपए के खरीद लिए। 3 मार्च को सौरभ अपनी माता जी रेणु के घर से लौकी के कोफ्ते की सब्जी लेकर आया था। सौरभ ने कोफ्ते की सब्जी गर्म करने लिए अपनी पत्नी मुस्कान को दे दी , मुस्कान ने सब्जी में नींद व गूगल पर सर्च कर लाई गई नशीली दवा मिला दी , उसके बाद सौरभ खाना खाकर सो गया।
जब सौरभ सो गया तो उसके बाद मुस्कान ने अपने प्रेमी को फोन किया और घर बुलाया। साहिल मुस्कान की कॉल पर तत्काल मुस्कान के घर पहुंचा दोनों हत्यारों ने मिलकर चाकू से वार पे वार कर सौरभ की हत्या कर डाली। फिर वे दोनों शव को वाथरूम में ले गए वहां ले जाकर पहले उस्तरे से उसकी गर्दन काट डाली इसे बाद कलाइयों से हाथ काटकर अलग कर दिए। दोनों की प्लानिंग थी कि शव के टुकड़े कर पॉलीबैग में भरकर अलग अलग फेंका जाए , दोनों ने सौरभ के धड़ को पॉलीबैग में भरकर वहीं डबल बैड के बॉक्स में रख दिया।
धड़ से अलग किया हुआ सिर और कलाइयों से अलग किये गए हाथ साहिल दूसरे बैग में रखकर अपने घर ले गया। 4 मार्च को साहिल ने कटे सिर और हाथों को घर अपने कमरे में रखा , मगर उन्हें ठिकाने से नहीं लगा सका। 24 घंटे तक सौरभ के हाथ व सिर साहिल के घर रखे रहे। 5 मार्च को उन्होंने घण्टाघर से एक ड्रम खरीदकर लाये और पॉलीबैग में रखे धड़ को उस ड्रम में डाल दिया। कुछ समय बाद साहिल सौरभ के हाथ और सिर ले आया और उन्हें भी ड्रम में डाल दिया । उसके बाद ऊपर से सीमेंट और डस्ट का घोल कर उसमें भरकर उसे सीलपैक कर दिया।
पुलिस अधीक्षक ने जानकारी देते हुए बताया कि वारदात के कुछ ढ़ी पूर्व में बहुत शर्मनाक हरकत मुस्कान ने की थी वो हरकत थी कि सौरभ की शराब की बोतल में नींद की गोलियां मिलाई थीं जिससे आसानी से उसकी हत्या की जा सके लेकिन उस समय सौरभ के लिए अच्छा था जो सौरभ ने शराब नहीं पी थी। लेकिन इसके बाद कोफ्तों में नींद की गोलियां मिलाई गई थीं।
मुस्कान के दिल में ये खोट बहुत पहले से चल रहा था 2021 में तलाक तक कि नौबत आ गई थी। एक दिन मकान मालिक ने साहिल और मुस्कान को आपत्तिजनक हालत में पकड़ लिया था। और इस हरकत की शिकायत मुस्कान के पति सौरभ से की थी क्योंकि वह सौरभ को धोखा दे रही थी यह मकान मालिक को ठीक नहीं लगा था। इस हरकत पर सौरभ ने मुस्कान को खूब खरी खोटी सुनाई थीं। उसने 2021 में तलाक के कागजात भी तैयार करा लिए थे हालांकि कुछ दिन बाद दोनों के बीच सहमति हो गई कि अब वे तलाक नहीं लेंगे उनकी बेटी है उसके जीवन को देखते हुए वे दोनों साथ रहेंगे।
इतना सबकुछ हो जाने के बाद भी मुस्कान ने अपनी बेशर्मी नहीं छोड़ी और साहिल से मिलना जुलना जारी रखा, मिलना नहीं छोड़ा। जब सौरभ का यहां आना जाना रहता तो वह अपने आशिक साहिल से नहीं मिलती थी और जब सौरभ के जाते ही मिलना जुलना शुरू कर देती थी। इस बार 2 वर्ष के बाद लन्दन से मेरठ आया था।
मुस्कान की मां ने कहा कि हमारी बेटी ही बदतमीज थी जब से सौरभ लन्दन गए थे तब से मुस्कान रेंट पर रहती थी। शादी के समय से ही दोनों ऐसे ही अलग अलग से रहते थे, मुस्कान की अपनी ससुराल में भी नहीं बनीं। एक साल ससुराल में रहे , मुस्कान ने सौरभ को क्या पाठ पढ़ाया था यह तो वो दोनों ही जानते होंगे , मुस्कान की मां की आंखों से आंशू छलक रहे थे और बता रही थी कि सौरभ इससे बेपनाह प्यार करते थे लड़की ही हमारी बदतमीज थी।
मुस्कान के पिता बहुत दुखी थे और बोले कि उसे फांसी होनी चाहिए ,मुस्कान ने अपने जीने का हक खो दिया है ऐसे इंसान को जीने का कोई हक नहीं है। सौरभ हमेशा मुस्कान का साथ देता था। जब सौरभ लन्दन जा रहा था तब मुस्कान के माँ बाप ने कहा था कि मुस्कान को हमारे पास छोड़ दो लेकिन मुस्कान नहीं चाहती थी कि वो वहां रहे। क्यों कि वो जानती थी कि मां बाप किसी ना किसी चीज के लिए रोक टोक करेंगे।
मुस्कान की मां ने यह भी बताया कि जब सौरभ लन्दन में थे तब मैंने कहा कि मुस्कान कमजोर हो गई है तो हमको लगा कि सौरभ की याद में मुस्कान का बजन कम हो गया है। हमें नहीं पता था कि बदतमीज लड़का साहिल उसे नशे करवा रहा है 10 kg मुस्कान का बजन कम हो गया था ।
करीब 2 साल पूर्व सौरभ और मुस्कान का तलाक हो रहा था वह अच्छा होता अगर तलाक हो जाता , सौरभ के बड़े भाई राहुल उर्फ बबलू का भी रो रो कर बुरा हाल था । राहुल ने रोते रोते बताया कि सौरभ का उसकी पत्नी से काफी समय से झगड़ा चल रहा था करीब 2 साल पहले भी विवाद हुआ था तब तलाक के लिए कागजात तैयार हो गए थे लेकिन बाद में समझौता हो गया कि साथ रहेंगे। अगर उस समय तलाक हो जाता तो मेरे भाई की हत्या नहीं होती और हमें यह दिन देखने को नहीं मिलता। वहां मौजूद कॉलोनी के लोगों ने राहुल को सम्भाला , कॉलोनी में भी मुस्कान और साहिल के प्यार के चर्चे रहे हैं , लोगों की भीड़ में भी मुस्कान और साहिल के प्रति आक्रोश साफ झलक रहा था।